Friday, October 26, 2012

chapter-5


श्रेया और शिफाली मिलकर हनी को बेड पर ले आती है। रात के 3 बज रहे हैं। नूर पहले से ही बेड पर है।
श्रेया हनी से कहती है- “you were awesome। तुमसे एक बात कहूं।
हनी- हां, कहो ना।
श्रेया- पता नहीं फिर ये शाम कब आए। I want you to have group Sex with all three of us.”
हनी-  “wow! ये तो मेरी बचपन से fantasy hai…”
श्रेया- बचपन से?”
हनी- “ I mean कॉलेज के वक्त से। लगता है ये रात आज थम सी गई है। और काश ऐसे ही रुक जाए

सभी फिर से शराब के घूंट भरते हैं और फिर वही सबकुछ दुबारा शुरु हो जाता है। फार्म हाऊस चारों की हंसी से गूज़ उठा है। काली अंधेरी रात में बस चांद की चांदनी ही है जो बादलों से छन-छन कर ज़मीन पर आ रहा है। रात मानो सज गई हो जैसे। झींगुर की आवाज़ बेचैनी भी बढ़ाती है और रात की सुनसान राहों का पता भी बताती है। कब कब में रात की आगोश में भोर निकल कर आ गई किसी को पता भी ना चला।

धूप हनी के चेहरे पर पर पड़ती है और उसे कुछ अजीब सा महसूस होता है। धीरे-धीरे हनी अपनी आंखें खोलता है और बेड पर उठकर बैठने की कोशिश करता है। कल रात को उसने बहुत ज़्यादा शराब पी ली थी और वो उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उसे रात की सारी दास्तां एक के बाद एक करके याद आती हैं।
कार से हनी की टक्कर... श्रेया का कार में अपना जैकेट उतारना... .हनी और श्रेया का फार्म हाऊस मे आना... शिफाली और नूर से मिलना... शराब पीना... श्रेया का स्मूच... रात की गुस्ताखियां...

हनी मन ही मन मुस्कुरा देता है। सबके कपड़े उसी कमरे में यहां वहां पड़े हैं। हनी वॉशरुम जाता है और अपना मुंह धोकर बाहर आता है। वो श्रेया को आवाज़ देता है।
हनी- श्रेया
उसे कोई जवाब नहीं मिलता।
हनी फिर पुकारता है- नूर... शिफाली...
इस बार भी कोई जवाब नहीं आता।
हनी अपनेआप से कहता है- कहां गई ये तीनों? चलो यार कुछ खाने के लिए ढ़ूंढ़ता हूं। बहुत भूख लगी है। कल से कुछ नहीं खाया।

हनी किचन में जाता है और खाने के लिए कुछ ढ़ूंढ़ता है मगर किचन को ऐसे खाली पड़ा है मानों महीनों से वहां किसी चीज़ का इस्तेमाल ना किया गया हो। वो रेर्फ्रिजेरेटर में भी कुछ तलाशने की कोशिश करता है मगर बीयर की एक बोतल के अलावा उसमे कुछ और नहीं है। हनी को बहुत भूख लगी है और भूख की वजह से उसने अपना पेट पकड़ रखा है। 

हनी हॉल में आ जाता है और फिर सबको पुकारता है मगर जवाब फिर भी नहीं आता। वो सारे कमरों में जाकर ढ़ूंढ़ने की कोशिश करता है मगर उसे कोई नहीं मिलता। वो मेन डोर के पास जाता है मगर वो भी बाहर से बंद है। कहीं से कोई रास्ता नहीं है बाहर निकलने का।
हनी भागकर श्रेया के बेडरुम मे जाता है जहां अपनी जींस में वो अपना मोबाइल तलाशने की कोशिश करता है मगर उसे कहीं भी अपना मोबाइल नहीं दिखाई देता।

दरअसल कार में जब श्रेया हनी के पास आती है तो चुपके से उसका मोबाइल अपनी सीट के नीचे सरका देती है।

हनी की हालत पहले ही तीनों लड़कियों के साथ अपनी प्यास बुझाने के बाद खराब हो चुकी है और उसके बाद अब भूख ने उसे अधमरा कर दिया है। उसकी आंखों से आसूं निकल रहे हैं और वो थककर सोफे पर गिर जाता है और उसकी आंखें धीरे धीरे बंद हो जाती हैं।

(फ्लैशबैक शुरु)
कोमल हनी को तमाचा मारकर जा चुकी है। हनी को वो तमाचा अपने गालों पर नहीं बल्कि अपनी आत्मा पर महसूस हुआ।
हनी गुस्से से आग बबुला अपने आप से कहता है- वो इसी में खुश है कि उसने गिरा दिया मुझे,
उसे मालूम नहीं उसके पैरों तले ज़मीन खींट लूंगा मैं
हनी अपने गाल को हाथ से सहलाता  है और कहता है- इस थप्पड़ का जवाब तो उसे देना ही होगा। हिसाब तो अब सूत समेत चुकाना पड़ेगा तुझे कोमल
कुछ दिनों बाद हनी अपने घर के पास की ही गली में अपने दोस्तों के साथ बैठा था। तभी एक लड़का भागा भागा आता है और हनी को बताता है।
हनी तुझे पता है कोमल की शादी तय हो गई है। इसी महीने की 24 तारीख को उसकी शादी पक्की हो गई है।

हनी अपने गाल पर हाथ रखता है और कहता है- शादी! नहीं। बिना इस थप्पड़ का हिसाब बराबर किए तो मैं उसकी डोली उठने नहीं दूंगा। सुनो मैं जैसा कहता हूं तुम लोग वैसा ही करो।

हनी अपने दोस्तों को प्लान बताता है।

रजत दौड़ता हुआ कोमल के घर पहुंचता है। एक हफ्ते बाद कोमल की शादी है और घर में शादी की तैय्यारियां पूरी तरफ से जारी हैं। कोमल अपने कमरे में है। रजत सीधे कोमल के कमरे में घुसता है जहां कोमल मेकअप कर रही है। वो रजत को शीशए में देखकर हैरान हो जाती है और पीछे मुड़कर देखती है।

कोमल- तुम यहां क्या कर रहे हो। कह दो हनी से की अब मेरे और उसके बीच कोई रिश्ता नहीं है। अब मुझे परेशान ना करे वो।

रजत- अब वो तुम्हे कभी परेशान नहीं करेगा। दरअसल उसने...
रजत रूंआसा सा होकर अपनी बात पूरी करता है- उसने आत्महत्या करने की कोशिश की है। जब उसे तुम्हारी शादी के बारे में पता चला तो उसने नींद की गोलियां खा ली है। और अब वो बस तुम्ही को पुकार रहा है। सुना है प्यार करने वालों में बहुत ताकत होती है। हमें पता है कि तुम आज भी हनी से बेहद प्यार करती हो। तुम्हे वास्ता है उसी प्यार का। चलकर हमारे दोस्त की जान बचा दो।

कोमल- क्या? नहीं नहीं। ऐसा नहीं हो सकता। हनी ऐसा नहीं कर सकता।

रजत- यही सच है। वो अपनी ज़िंदगी की आखिरी सांसे ले रहा है और चाहता है कि तुम उसके साथ उसके आखिरि पलों में उसके पास रहो। शायद यही उसके गुनाहों का प्रयश्चित है। प्लीज़ चल दो वरना उसकी आत्मा को कभी शांति नहीं मिलेगी।

कोमल के दिल में आज भी कहीं ना कहीं हनी के लिए वही प्यार है। वो ये सब सुनकर छटपटा सी जाती है।
कोमल- कहां है वो? नुझे जल्दी से उसके पास ले चलो
दोनो कमरे से बाहर निकलते हैं और हनी के घर की छत पर पहंचते हैं।  शादी ब्याह का माहौल है तो अगर वो किसी से आने की इज़ाजत मांगती तो शायद मना कर दिया जाता इसीलिए वो बिना किसी को बताए ही आ गई।

कोमल दौड़ते हुए हनी के रुम में जाती है। उसके अंदर जाते ही कमरे का दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आती है। अभी कोमल को कुछ समझ में आता कि वो देखती है कि हनी ने दरवाज़े की चटखनी लगा दी है।

कोमल- इतना बड़ा धोखा। तो ये तुम्हारी चाल थी। तुम जैसे इंसान से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है? मै ही पागल थी जो तुम्हारी चाल में फंस गई। तुम्हारे बारे में सोचकर दौड़ी चली आई।

हनी उसके पास आता है और उसे एक ज़ोरदार तमाचा मारता है। कोमल तमाचे की वजह से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठों से खून आने लगता है। वो बस एक सिसकी भर कर रह जाती है।
हनी- ये तो उस थप्पड़ का बदला है मगर मेरी प्यास अभी तक बाकी है। कहा था ना कि थप्पड़ का हिसाब तो सूत समेत लूंगा। मूल तो लो लिया अब बारी है सूत की।

हनी ज़बरदस्ती कोमल उठाता है और बेड पर पटक देता है। कोमल तीखती है मगर हनी के दोस्तों नें बाहर छत पर म्यूज़िक की वोल्यूम इतनी तोज़ कर रखी थई कि कोमल की चीखें दबकर रह गई। हनी बेतहाशा कोमल के कपड़े फाड़ता है। कभी यहां तो कभी वहां नोचता है। कोमल उसका विरोध करती है तो थप्पड़ तो कभी घूंसे मारता है। कोमल के होंठों से अभी भी खून निकल रहा है। वो कोमल के गले, छाती, गालों, होठों पर पागलों की तरह चूमे जा रहा है। कोमल रोए जा रही है, चीखे जा रही है मगर कुछ करे भई तो कैसे करे।

कुछ देर बाद हनी पसीने पसीने होकर अपने कमरे से बाहर निकलता है और अपनी पैंट की ज़िप बंद करता है। उसके निकलकर आने के बाद रजत तमरे में घुसता है। कोमल की खून से लिपटी हुई चुन्नी ज़मीन पर पड़ी है। कोमल के चेहरे पर खून इधर उधर लगा हुआ है। वो भी कोमल पर कोई तरस नहीं खाता और किसी हैवान की तरह उसपर चूच पड़ता है। इस तरह से हनी और उसके तीनो दोस्त बारी-बारी से कोमल का बलात्कार करते हैं।

जिस कमरे में कोमल मेकअप कर रही थी। होने वाली दुल्हन का चमकता-दमकता-महकता-खनकता कमरा मौत के सन्नाटे में तब्दील हो चुका था। कोमल की लाश को पंखे से नीचे लाया जा रहा है। जी हैं, कोमल ने फांसी लगा ली और वहीं दूसरी ओर हनी और उसके तीनो दोस्त शराब पीकर अपनी जीत का जश्न मना रहे है। कोमल की लाश सफेद चद्दर में लिपटी हुई है और उसके सारे रिश्तेदार शोक मना रहे हैं और दूसरी तरफ हनी और उसके दोस्त नाच-गा रहे हैं और शराब पी रहे हैं।
(फ्लैशबैक समाप्त)

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