Friday, October 26, 2012

Chapter-4

बेडरुम किसी 5 सितारा होटल के किसी स्वीट की तरह आलीशान है। कमरे में रोशनी ज्यादा नही जोकि माहौल को और भी गर्म  करने में मदद कर रही है।
श्रेया- “welcome to my bedroom… and it is B… A… D… R…O…O…M not b…E…d…r..o..o..m”

ऩूर- “shreya...  he is looking so decent say him that I want to see the bad side of this boy.”
शिफाली- “Honey! I would like to have your honey”

इन तीनों की बातें आग पर घी का काम कर रही थी। हनी भी अब तक पूरी तरह खुल चुका था। हनी श्रेया को मदभरे अंदाज़ में उसके बालों से पकड़ता है और अपने ऊपर खींच लेता है। चारों बेड पर हैं। अगल-बगल में नूर और शिफाली और हनी के ऊपर श्रेया। आज शायद हनी का हि दिन है। अगर उसने और कुछ भी मांगा होता तो शायद आज उसे वो ज़रुर मिल जाता।

फिल्हाल सबकुछ बहुत नज़ाकत के साथ धीमे धीमे हो रहा है। मानो वक्त की रफ्तार किसी ने रोक दी हो। इतने में श्रेया हनी से दूर हटती है और बाहर चली जाती है। अब नूर और शिफाली हनी को यहां वहां छू रही हैं।

श्रेया एक शारब की बोतल और चार गिलास लेकर कमरे में आती है और कहती है- अभी शायद हनी की आंखों में कुछ शरम है। उसका इलाज़ ये है। आज इतनी पियो की नशे में चूर हो जाओ। this is what I call Heaven On Earth sweetheart.”

श्रेया एक गिलास हनी को देती है। नूर और शिफाली भी एक-एक गिलास उठाते हैं। तीनो चीयर्स करते हैं। तीनो लड़किया हल्के-हल्के सिप्स भरती हैं और हनी एक ही सांस से पूरा गिलास खाली कर देता है।

नूर- “wow! You gonna rock tonight!”

श्रेया दूसरा पैग बनाकर हनी को देती है और हनी उसे भी पहली बार की तरह एक घूंट में सरका ले जाता है।

करीब आधे घंटे बाद ठहाकों से पूरा फार्म हाऊस गूंज रहा है। सभई नशे में चूर हैं।
हनी की शर्ट के आधे बटन खुले हैं। तीनो लड़किया हनी के आस पास ही हैं। हनी को विश्वास नही हो पा रहा कि ये सच है या सपना। उसने तो बस फिल्मों. उपन्यासों और अपनी कल्पनाओं में ही इस सबके बारे में सोचा-देखा-पढ़ा था।
नूर हनी की शर्ट के बाकी बचे बटन खोल देती है। शिफाली उसी पैंट को अनज़िप करती है।  

श्रेया नशे मे धुत्त हनी के करीब आती है और हनी के होंठों से अपने होंठ टकरा देती है। एक ज़ोरदार स्मूच के बाद शर्म-ओ-हया उस फार्म हाऊस से मीलो दूर जा चुकी है।

मेरे लबों को संवारते हुए तेरे होंठ,
वो बदमाशियां.. वो मोहोब्बत की चोट,
तू मेरी बाहों में समाती हुई,
वो आहें कराहती हुई,
बदहवासी एक दूसरे को देखना और,
पागलपन की हदें पार करने का जुनून,
आखों में एक शरारत की चाह,
वो लम्हे... वो रातें... वो अंधियारी सी राह...


रात के करीब 2 बजे हैं.... चारों बेतहाशा यहां वहां पड़े हैं। श्रेया बेड पर सिगरेट के कश भर रही है। शिफाली भी बेड के एक कोने पर लेटी हुई है। हनी फर्श पर लेटा है। नूर हनी के पास उसके हाथ के ऊपर सर रखकर लेटी है।

हनी बेहद खुश है। उसके लिए तो ये रात किसी सपने से कम नहीं। मानो कितनी मुद्दत से वो एसी ही किसी रात के सपने देख रहा हो। हनी कुछ यादों मे खोया हुआ है।

(फ्लैशबैक)
सुबह की लालिमा लिए हुए सूरज अभी अपनी ठण्डी तासीर के साथ दूर क्षितिज पर पहाड़ों के गलियारों से हल्की सी कोहरे की चादर से बाहर निकल रहा है। एक 20-12 साल की लड़की अपने घर से बाहर आती है और मोहोल्ले की सड़क पर चल पड़ती है। सफेद रंग का सूट पहना हुआ है। सलीके से बालों को बाधा हुआ है। सिर झुकाए चुपचाप वो लड़की अपने रास्ते पर चले जा रही है।
ये हनी की पड़ोसन है। इसका नाम है कोमल और ये एक प्रइमेरी स्कूल में टीचर है। अभी ये स्कूल ही जा रही है। हनी इसे दिल ही दिल में चाहता है मगर आज तक उसे अपने दिल की बात नहीं बता सका। कई बार कोशिश भी की मगर फिर कदम ही आगे नही बढ़े तो ज़ुबान की तो बात ही दूर। 

कोमल रास्ते पर चले जा रही है और रोज़ की तरह हनी उसका पीछा कर रहा है। थोड़ी देर पीछा करने का बाद अचानक उसे लगता है कि कोमल को शायद उसके पीछे आने की आहट हो गई है। वो कहीं छुपने की कोशिश करता है कि कोमल उसे पीछे मुड़कर देख लेती है। 

कोमल- कौन है वहां? चलो बाहर आओ मुझे पता है उस कोने मे... निकलते हो या...

कुछ देर रुकने के बाद हनी धीरे-धीरे, डरते-डराते बाहर निकलता है।

कोमल- तुम? तुम मेरा पीछा क्यूं कर रहे हो? और तुम अक्सर एसा करते हो ना? मैने अक्सर तुम्हे देखा है। क्यूम करते हो तुम मेरा पीछा?”

हनी कोमल के पास आकर कहता है- एक जवान लड़का एक जवान लड़की का पीछा क्यूं करता है?”
कोमल नज़रे झुका लेती है और दबी हुई सी आवाज़ से पूछती है- क्यूं?”
हनी कोमल की आंखों में आंखें डालकर कहता है- क्योंकि... क्योंकि वो लड़का उस लड़की को बेइंतहां चाहता है। मगर डरता भी है क्योंकि उसे अब तक ये नही पता कि लड़की के दिल में क्या है। कहीं वो नाराज़ तो नहीं हो जाएगी बस इसीलिए अपने दिल की बात कहने से डरता है। वो रोज़ उस लड़की का पीछा करता है कि शआयद किसी दिन वो हम्मत करके उस लड़की से अपने दिल की सारी बातें कह देगा। बस इसीलिए।

एकदम शांति...
कोमल हनी के पास से भाग जाती है और कुछ दूर जाकर कहती है- उस लड़की के दिल में तो कब से वो लड़का है मगर उस लड़के को इतना वक्त क्यों लग गया ये समझने में..

हनी की आंखों में चमक और होंठो पर एक मुस्कान छा जाती है। वो बेहद खुश है। इज़हार-ए-इश्क की बात ही कुछ और होती है और उस पर भी जब जवाब में इकरार-ए-इश्क हो तो मानो सोने पर सुहागा हो जाता है।

उस दिन के बाद से दोनो अक्सर मिलने लगे। दोनो की मोहोब्बत परवान चढ़ने लगी थी। जीने-मरने की कसमें भी खा लीं थी दोनो ने। दिन भर चाहे दोनो कहीं भी क्यूं ना हो.. मगर रात को 9 बजे दोनो अपने घरों की छतों पर आते और मुलाकात करते थे।

मुझे यकीं है मुझे चाहते हो तुम,
खुदा से दिन रात दुआओँ में मुझे मांगते हो तुम,
ना आऊं तुमसे मिलने एक दिन भी कभी,
तो बड़े ही बेचैन नज़र आते हो तुम,
रुठ जाने में हम तुम्हे भी मात देते थे,
आज भी हमे घंटो मनाया करते हो तुम,
तुम साथ होते हो तो सुकूं मिलता है दिल को,
दूर जाकर बड़ा सताते हो तुम,
साया बनकर मेरे साथ चलते हो,
खुशबू बनकर मुझमें समाते हो तुम,
मोहब्बत है तुमसे ये बताना है मुश्किल,
बस ये मसझ लो के उससे ज्यादा है,
जितना मुझे चाहते हो तुम,
मेरे आस-पास हर जगह बस तुम ही तुम हो,
आंखें बंद होने पर भी नज़र आते हो तुम,
मुझसे रू-ब-रू होते ही खामोश हो जाते हो,
मेरे जाने के बाद प्यार जताते हो तुम,
मैने जब भी अपने बारे में तुमसे पूछा,
हर बार अपनी जान बताते हो तुम...

एक रात हनी अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। हंसी मजाक चल रहा था। रजत को उसके पापा ने नई बाइक दिलाई थी इसीलिए उसने हेमंत, रोहन, और हनी के साथ पार्टी का प्लान बनाया था।

रोहन य़ार शराब तो मिल गई है। बस एक मस्त पटाखा सी लड़की मिल जाए तो रात बन जाए अपनी...

हनी- हां यार। दारू पीने के बाद तो कसम से लड़की मिल जाए तो क्या कहने पाशाओ।

हेमंत- अबे तेरी तो बंदी है ना। वो कोमल। तू क्यूं इतना प्यासा है। देती नहीं है क्या लाइन?”

सब दोस्त ठहाका लगाकर हनी पर हंसने लगते हैं और ये बात हनी के दिल में लग जाती है। वो शराब का एक घूट पीता है और अपनी जगह से उठ जाता है। 9 बजने वाले हैं और कोमल से मिलने का वक्त भी हो गया है।

हनी कोमल का इंतज़ार कर रहा है और कुछ देर बाद कोमल आती है।
हनी पूछता है- आज आने में इतनी देर क्यूं कर दी?”
कोमल- वो मां ने कुछ काम बोल दिया था तो बस इसीलिए देर हो गई।

हनी- मिलते हैं उनसे इस उम्मीद में कि प्यास बुझ जाए हमारी,
मगर हर मुलाकात के बाद प्यार और बढ़ जाती है हमारी

कोमल- क्या बात।
हनी- आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।
कोमल शरमा जाती है और हनी उसके गालों को अपनी उंगलियों से छूने लगता है। फिर कोमल को अपनी बाहों में भरकर उसकी आंखों में आंखें डालकर देखता है और धीरे-धीरे उसे किस करने के लिए आगे बढ़ने लगता है। वो आगे बढ़ ही रहा होता है कि कोमल उसे रोक देती है।
कोमल- नहीं हनी। शादी से पहले ऐसा कुछ नहीं
हनी- तुम्हे क्या लगता है मैं तुम्हे धोखा दे दूंगा। क्या तुम्हे मुझपर भरोसा नहीं है। प्लीज़ शोनू। जस्ट वन किस। बेबी
कोमल- तुमने शराब पी है? और पीकर तुम मुझसे मिलने भी चले आए। अच्छा चलो जाओं और चेहरा पानी से धो लो और सो जाओ। हम कल बात करेंगे जब तुम्हारी उतर जाएगी।
हनी ज़ोर देकर कहता है- कल नहीं आज। मैं किस लिए बिना नहीं जाउंगा।
कोमल भी कड़क आवाज़ में कहती है- तुम्हे एक बार में बात समझ में नहीं आती। मैने कहा ना नहीं। नहीं मतलब नहीं।

हनी को गुस्सा आ जाता है।
हनी- मैने भी कहा ना मुझे किस चाहिए तो चाहिए।

हनी जबरन कोमल को अपनी ओर खींचता है और कसके उसके होंठो पर किस कर देता है। कोमल ने इसकी उम्मीद तो बिलकुल नहीं की थी। वो बिलकुल शॉक्ड सी खड़ी रह जाती है। कोमल की आंखों में पहले तो एक दर्द आता है फिर उस दर्द की जगह गुस्सा ले लेता है और कोमल हनी को एक ज़ोरदार तमाचा दे मारती है।  

(फ्लैशबैक समाप्त)

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