Friday, October 26, 2012

Chapter-6


हनी अभी अपने ख्यालों में ही है कि अचानक दरवाज़े पर खटखटाहट होती है और वो वापस होश में आता है। श्रेया, नूर और शिफाली घर में घुसती हैं। रात के नौ बज चुके हैं। हनी को खाना खाए हुए 36 घण्टे से भी ज्यादा हो गए हैं। उसमे बिल्कुल भी जान नहीं बची है। उसका चेहरा देखकर किसी को भी इस बात का एहसास हो सकता है कि मानो वो कई दिनों से बीमार हो। वो थका हुआ सा है।

हनी उन तीनों से पूछटा है- तुम लोग मुझे अकेला छोड़कर कहां चले गए थे? यहां कुछ भी नहीं है खाने के लिए। किचन भी खाली है। और मेरा मोबाइल कहां है।
श्रेया पहले मुस्कुराती है और फिर कहती है- अरे बेबी हम खआना लेने ही गए थे। लो पहले कुछ खा लो फिर इन सवालों के जवाब भी मिल जाएंगे।
हनी- नहीं मुझे कुछ नहीं खाना। मपझे बस एब घर जाना है।
नूर- चले जाना। चले जाना। एक बार हमारे साथ कूचीकू तो कर लो.. फिर आराम से चले जाना।
हनी- मैं थक गया हूं। मेरी हालत बहुत खराब है तुम समझती क्यूं नहीं। अब मुझे बिल्कुल जान नहीं बची है। मैं अब सेक्स नहीं कर सकता। प्लीज़ मुझे जाने दो।
शिफाली- अरे तुम्हारी जान के होते तुम्हारी जान कैसे चली जाएगी। देखो मैं तुम्हारी जान लेके आई हूं।
शिफाली एक स्प्रे हनी की तरफ फेंकती है जो कि नीचे गिर जाता है।

नूर हनी के बगल में बैठ जाती है और उसे एक्साइट करने के लिए उसके बालों में अपनी उंगलियां फेरती है। कभी यहां तो कभी वहां किस करती है। मगर हनी को ये बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा। उसे इस सबसे सिर्फ दर्द हो रहा है। मानो हनी का बलात्कार किया जा रहा हो। वो लड़कियां जबरदस्ती हनी एक्साइट करने के लिए कभी स्प्रे का इस्तेमाल कर रहीं हैं तो कभी उसे किस कर रही हैं।

हनी की आंखों से आंसू बहे जा रहे हैं। उसमें तो इतनी भी हिम्मत नहीं की वो चिल्ला भी सके। आखिरकार उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है और वो ज़मीन पर गिर जाता है।

सूरज की कड़ी धूप ने सबकुछ जला देने की मन मे ठानी हो जैसे। एक कुत्ता पेशाब कर रहा है। और वो पेशाब कर किस पर रहा है? हनी पर। दरअसल हनी सड़क के किनारे एक पेड़ के पास कूड़ेदान के सहारे लेटा हुआ है। आते-जाते लोग उसे शराबी समझ रहे हैं तो कुछ उसे पागल समझ रहे हैं। कपड़े के नाम पर उसने बस एक इनर पहनी हुई है। वो उठने की कोशिश करता है मगर फिर गिर सा जाता है। फिर पूरी जान लगाकर उठता भी है तो लड़खड़ाते हुए सा उठता है। और अपना रास्ता तलाशता है और चल देता है। गुमसुम... जैसे उसकी इज्ज़त लूट ली गई हो।

मेरी राहें, मेरी मंज़िलें...
जो कुछ भी थी मेरी आरज़ुएं...
ना जाने क्या हो गए...
कहां खो गए...
मेरी सिसकियां, मेरी आहें...
दबी हुई सी मेरी कराहें...
मुझे तोड़ने लगे हैं...
मेरे अपने भई अब मुझे...
छोड़ने लगे हैं...
मेरे सारे अरमां सो गए...
मेरी राहें, मेरी मंज़िलें...
जो कुछ भी थी मेरी आरज़ुएं...
ना जाने क्या हो गए...
कहां खो गए...
यो एहसास है या मेरी रूह की आवाज़ है...
मेरी ज़िंदगी भी एक बेजान कोई साज़ है...
आंसुओं से पाला ना पड़ा ज़िंदगी भर...
आज इस कदर टूटे की हाल क्या पूछा और हम रो गए...
मेरी राहें, मेरी मंज़िलें...
जो कुछ भी थी मेरी आरज़ुएं...
ना जाने क्या हो गए...
कहां खो गए...

हनी रास्ते पर चला जा रहा है। बिल्कुल गुमसुम सा। उसके आस-पास लड़कियां गुज़र रही हैं मगर वो नज़रें झुकाए आगे बढ़ा चला जा रहा है। वो न रास्तों से गुजरता है जहां दोस्तो के साथ बैठकर वो अक्सर लड़कियों को छेड़ा करता था। हनी को कुछ होश नहीं है। वो चुपचाप चलता जा रहा है। और दूर कहीं जाकर आंखों से ओझल हो जाता है।

"हॉस्पिटल के बेड पर लेटे हुए मेरे हाथों में एक किताब और एक पैन है। इसी के ज़रिए मैं ये कहानी आपको बता रहा हूं। आप शायद सोच रहे होंगे मुझे इस सबके बारे में कैसे पता? दरअसल मैं ही हूं हनी।

जी हां! ये मेरी कहानी है। मैने ज़िंदगी भर औरत को सेक्स का एक ज़रिया ही समझा। शआयद भूल गया था अपनी मां, अपनी बहन के बारे में। एक खिलौना जिससे खेलने का हक हर मर्द को पैदाइशी होता है। मुझे इस बात का ज़रा सा भी अंदाज़ा नहीं थी कि मेरी ये नासमझी ही मेरी सज़ा बन जाएगी। कोमल के साथ मैने गलत किया। शायद गलत बोलकर मैं अपने गुनाह को कम करके बता रहा हूं। हमने कोमल का बलात्कार किया और उसने फांसी लगा ली। बलात्कार तो मेरा भी हुआ और वो शायद सज़ा थई मेरे गुनाहों की। मैं आज तिल-तिल कर मरने के लिए मजबूर हूं। हां, उन तीनों लड़कियों को एड्स था और अब उनसे ये बीमारी मुझे हो गई है। अपनी आखिरी सांसे लेने से पहले मैं अपनी कहानी अपनी ख़लिश आप सभी के साथ बांटना चाहता था। ताकी आप भी औरत को सिर्फ सेक्स या भोग के ले इस्तेमाल की जाने वाली जिस्मानी चीज़  ना समझे। कहते हैं ऊपर वाले की लाठी में आवाज़ नहीं होती। जो कुछ इस दुनिया मे आप करते हैं उसका फल भी आपको यहीं पर भुगतना होता है। और अगर आप ऊपरवाले में विश्वास नहीं रखते तो आपसे मैं बस इतना कहना चाहुंगा कि Every Action Has An Equal And Opposite Reaction. जैसा आप करोगे आपको वैसा ही भुगतना भी पड़ेगा। जहां तक मेरी बात है तो मैं तो बस अब दिन-रात मौत की दुआएं ही मांग रहा हूं। ऊपर जाकर कोमल से माफी मांगूंगा तभी शायद मेरा दर्द कुछ कम हो पाए।

आज अपने सारे गुनाहों के धब्बे धोने दे,
मैं क्या था.. मैं क्या हूं.. मुझए कुछ याद नहीं,
मेरी तरह तू भी खुद में मुझको खोने दे,
आज मेरे दर्द की इंतेहां ना पूछ,
बस सिर कांधे पे रखकर रोने दे,
बहुत दिन हो गए सुकूं भरी नींद नहीं आई,
मुझे अपनी आगोश मे ले ले और सोने दे

खलिश
                                                                           By Krish

chapter-5


श्रेया और शिफाली मिलकर हनी को बेड पर ले आती है। रात के 3 बज रहे हैं। नूर पहले से ही बेड पर है।
श्रेया हनी से कहती है- “you were awesome। तुमसे एक बात कहूं।
हनी- हां, कहो ना।
श्रेया- पता नहीं फिर ये शाम कब आए। I want you to have group Sex with all three of us.”
हनी-  “wow! ये तो मेरी बचपन से fantasy hai…”
श्रेया- बचपन से?”
हनी- “ I mean कॉलेज के वक्त से। लगता है ये रात आज थम सी गई है। और काश ऐसे ही रुक जाए

सभी फिर से शराब के घूंट भरते हैं और फिर वही सबकुछ दुबारा शुरु हो जाता है। फार्म हाऊस चारों की हंसी से गूज़ उठा है। काली अंधेरी रात में बस चांद की चांदनी ही है जो बादलों से छन-छन कर ज़मीन पर आ रहा है। रात मानो सज गई हो जैसे। झींगुर की आवाज़ बेचैनी भी बढ़ाती है और रात की सुनसान राहों का पता भी बताती है। कब कब में रात की आगोश में भोर निकल कर आ गई किसी को पता भी ना चला।

धूप हनी के चेहरे पर पर पड़ती है और उसे कुछ अजीब सा महसूस होता है। धीरे-धीरे हनी अपनी आंखें खोलता है और बेड पर उठकर बैठने की कोशिश करता है। कल रात को उसने बहुत ज़्यादा शराब पी ली थी और वो उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उसे रात की सारी दास्तां एक के बाद एक करके याद आती हैं।
कार से हनी की टक्कर... श्रेया का कार में अपना जैकेट उतारना... .हनी और श्रेया का फार्म हाऊस मे आना... शिफाली और नूर से मिलना... शराब पीना... श्रेया का स्मूच... रात की गुस्ताखियां...

हनी मन ही मन मुस्कुरा देता है। सबके कपड़े उसी कमरे में यहां वहां पड़े हैं। हनी वॉशरुम जाता है और अपना मुंह धोकर बाहर आता है। वो श्रेया को आवाज़ देता है।
हनी- श्रेया
उसे कोई जवाब नहीं मिलता।
हनी फिर पुकारता है- नूर... शिफाली...
इस बार भी कोई जवाब नहीं आता।
हनी अपनेआप से कहता है- कहां गई ये तीनों? चलो यार कुछ खाने के लिए ढ़ूंढ़ता हूं। बहुत भूख लगी है। कल से कुछ नहीं खाया।

हनी किचन में जाता है और खाने के लिए कुछ ढ़ूंढ़ता है मगर किचन को ऐसे खाली पड़ा है मानों महीनों से वहां किसी चीज़ का इस्तेमाल ना किया गया हो। वो रेर्फ्रिजेरेटर में भी कुछ तलाशने की कोशिश करता है मगर बीयर की एक बोतल के अलावा उसमे कुछ और नहीं है। हनी को बहुत भूख लगी है और भूख की वजह से उसने अपना पेट पकड़ रखा है। 

हनी हॉल में आ जाता है और फिर सबको पुकारता है मगर जवाब फिर भी नहीं आता। वो सारे कमरों में जाकर ढ़ूंढ़ने की कोशिश करता है मगर उसे कोई नहीं मिलता। वो मेन डोर के पास जाता है मगर वो भी बाहर से बंद है। कहीं से कोई रास्ता नहीं है बाहर निकलने का।
हनी भागकर श्रेया के बेडरुम मे जाता है जहां अपनी जींस में वो अपना मोबाइल तलाशने की कोशिश करता है मगर उसे कहीं भी अपना मोबाइल नहीं दिखाई देता।

दरअसल कार में जब श्रेया हनी के पास आती है तो चुपके से उसका मोबाइल अपनी सीट के नीचे सरका देती है।

हनी की हालत पहले ही तीनों लड़कियों के साथ अपनी प्यास बुझाने के बाद खराब हो चुकी है और उसके बाद अब भूख ने उसे अधमरा कर दिया है। उसकी आंखों से आसूं निकल रहे हैं और वो थककर सोफे पर गिर जाता है और उसकी आंखें धीरे धीरे बंद हो जाती हैं।

(फ्लैशबैक शुरु)
कोमल हनी को तमाचा मारकर जा चुकी है। हनी को वो तमाचा अपने गालों पर नहीं बल्कि अपनी आत्मा पर महसूस हुआ।
हनी गुस्से से आग बबुला अपने आप से कहता है- वो इसी में खुश है कि उसने गिरा दिया मुझे,
उसे मालूम नहीं उसके पैरों तले ज़मीन खींट लूंगा मैं
हनी अपने गाल को हाथ से सहलाता  है और कहता है- इस थप्पड़ का जवाब तो उसे देना ही होगा। हिसाब तो अब सूत समेत चुकाना पड़ेगा तुझे कोमल
कुछ दिनों बाद हनी अपने घर के पास की ही गली में अपने दोस्तों के साथ बैठा था। तभी एक लड़का भागा भागा आता है और हनी को बताता है।
हनी तुझे पता है कोमल की शादी तय हो गई है। इसी महीने की 24 तारीख को उसकी शादी पक्की हो गई है।

हनी अपने गाल पर हाथ रखता है और कहता है- शादी! नहीं। बिना इस थप्पड़ का हिसाब बराबर किए तो मैं उसकी डोली उठने नहीं दूंगा। सुनो मैं जैसा कहता हूं तुम लोग वैसा ही करो।

हनी अपने दोस्तों को प्लान बताता है।

रजत दौड़ता हुआ कोमल के घर पहुंचता है। एक हफ्ते बाद कोमल की शादी है और घर में शादी की तैय्यारियां पूरी तरफ से जारी हैं। कोमल अपने कमरे में है। रजत सीधे कोमल के कमरे में घुसता है जहां कोमल मेकअप कर रही है। वो रजत को शीशए में देखकर हैरान हो जाती है और पीछे मुड़कर देखती है।

कोमल- तुम यहां क्या कर रहे हो। कह दो हनी से की अब मेरे और उसके बीच कोई रिश्ता नहीं है। अब मुझे परेशान ना करे वो।

रजत- अब वो तुम्हे कभी परेशान नहीं करेगा। दरअसल उसने...
रजत रूंआसा सा होकर अपनी बात पूरी करता है- उसने आत्महत्या करने की कोशिश की है। जब उसे तुम्हारी शादी के बारे में पता चला तो उसने नींद की गोलियां खा ली है। और अब वो बस तुम्ही को पुकार रहा है। सुना है प्यार करने वालों में बहुत ताकत होती है। हमें पता है कि तुम आज भी हनी से बेहद प्यार करती हो। तुम्हे वास्ता है उसी प्यार का। चलकर हमारे दोस्त की जान बचा दो।

कोमल- क्या? नहीं नहीं। ऐसा नहीं हो सकता। हनी ऐसा नहीं कर सकता।

रजत- यही सच है। वो अपनी ज़िंदगी की आखिरी सांसे ले रहा है और चाहता है कि तुम उसके साथ उसके आखिरि पलों में उसके पास रहो। शायद यही उसके गुनाहों का प्रयश्चित है। प्लीज़ चल दो वरना उसकी आत्मा को कभी शांति नहीं मिलेगी।

कोमल के दिल में आज भी कहीं ना कहीं हनी के लिए वही प्यार है। वो ये सब सुनकर छटपटा सी जाती है।
कोमल- कहां है वो? नुझे जल्दी से उसके पास ले चलो
दोनो कमरे से बाहर निकलते हैं और हनी के घर की छत पर पहंचते हैं।  शादी ब्याह का माहौल है तो अगर वो किसी से आने की इज़ाजत मांगती तो शायद मना कर दिया जाता इसीलिए वो बिना किसी को बताए ही आ गई।

कोमल दौड़ते हुए हनी के रुम में जाती है। उसके अंदर जाते ही कमरे का दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आती है। अभी कोमल को कुछ समझ में आता कि वो देखती है कि हनी ने दरवाज़े की चटखनी लगा दी है।

कोमल- इतना बड़ा धोखा। तो ये तुम्हारी चाल थी। तुम जैसे इंसान से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है? मै ही पागल थी जो तुम्हारी चाल में फंस गई। तुम्हारे बारे में सोचकर दौड़ी चली आई।

हनी उसके पास आता है और उसे एक ज़ोरदार तमाचा मारता है। कोमल तमाचे की वजह से ज़मीन पर गिर पड़ती है और उसके होंठों से खून आने लगता है। वो बस एक सिसकी भर कर रह जाती है।
हनी- ये तो उस थप्पड़ का बदला है मगर मेरी प्यास अभी तक बाकी है। कहा था ना कि थप्पड़ का हिसाब तो सूत समेत लूंगा। मूल तो लो लिया अब बारी है सूत की।

हनी ज़बरदस्ती कोमल उठाता है और बेड पर पटक देता है। कोमल तीखती है मगर हनी के दोस्तों नें बाहर छत पर म्यूज़िक की वोल्यूम इतनी तोज़ कर रखी थई कि कोमल की चीखें दबकर रह गई। हनी बेतहाशा कोमल के कपड़े फाड़ता है। कभी यहां तो कभी वहां नोचता है। कोमल उसका विरोध करती है तो थप्पड़ तो कभी घूंसे मारता है। कोमल के होंठों से अभी भी खून निकल रहा है। वो कोमल के गले, छाती, गालों, होठों पर पागलों की तरह चूमे जा रहा है। कोमल रोए जा रही है, चीखे जा रही है मगर कुछ करे भई तो कैसे करे।

कुछ देर बाद हनी पसीने पसीने होकर अपने कमरे से बाहर निकलता है और अपनी पैंट की ज़िप बंद करता है। उसके निकलकर आने के बाद रजत तमरे में घुसता है। कोमल की खून से लिपटी हुई चुन्नी ज़मीन पर पड़ी है। कोमल के चेहरे पर खून इधर उधर लगा हुआ है। वो भी कोमल पर कोई तरस नहीं खाता और किसी हैवान की तरह उसपर चूच पड़ता है। इस तरह से हनी और उसके तीनो दोस्त बारी-बारी से कोमल का बलात्कार करते हैं।

जिस कमरे में कोमल मेकअप कर रही थी। होने वाली दुल्हन का चमकता-दमकता-महकता-खनकता कमरा मौत के सन्नाटे में तब्दील हो चुका था। कोमल की लाश को पंखे से नीचे लाया जा रहा है। जी हैं, कोमल ने फांसी लगा ली और वहीं दूसरी ओर हनी और उसके तीनो दोस्त शराब पीकर अपनी जीत का जश्न मना रहे है। कोमल की लाश सफेद चद्दर में लिपटी हुई है और उसके सारे रिश्तेदार शोक मना रहे हैं और दूसरी तरफ हनी और उसके दोस्त नाच-गा रहे हैं और शराब पी रहे हैं।
(फ्लैशबैक समाप्त)

Chapter-4

बेडरुम किसी 5 सितारा होटल के किसी स्वीट की तरह आलीशान है। कमरे में रोशनी ज्यादा नही जोकि माहौल को और भी गर्म  करने में मदद कर रही है।
श्रेया- “welcome to my bedroom… and it is B… A… D… R…O…O…M not b…E…d…r..o..o..m”

ऩूर- “shreya...  he is looking so decent say him that I want to see the bad side of this boy.”
शिफाली- “Honey! I would like to have your honey”

इन तीनों की बातें आग पर घी का काम कर रही थी। हनी भी अब तक पूरी तरह खुल चुका था। हनी श्रेया को मदभरे अंदाज़ में उसके बालों से पकड़ता है और अपने ऊपर खींच लेता है। चारों बेड पर हैं। अगल-बगल में नूर और शिफाली और हनी के ऊपर श्रेया। आज शायद हनी का हि दिन है। अगर उसने और कुछ भी मांगा होता तो शायद आज उसे वो ज़रुर मिल जाता।

फिल्हाल सबकुछ बहुत नज़ाकत के साथ धीमे धीमे हो रहा है। मानो वक्त की रफ्तार किसी ने रोक दी हो। इतने में श्रेया हनी से दूर हटती है और बाहर चली जाती है। अब नूर और शिफाली हनी को यहां वहां छू रही हैं।

श्रेया एक शारब की बोतल और चार गिलास लेकर कमरे में आती है और कहती है- अभी शायद हनी की आंखों में कुछ शरम है। उसका इलाज़ ये है। आज इतनी पियो की नशे में चूर हो जाओ। this is what I call Heaven On Earth sweetheart.”

श्रेया एक गिलास हनी को देती है। नूर और शिफाली भी एक-एक गिलास उठाते हैं। तीनो चीयर्स करते हैं। तीनो लड़किया हल्के-हल्के सिप्स भरती हैं और हनी एक ही सांस से पूरा गिलास खाली कर देता है।

नूर- “wow! You gonna rock tonight!”

श्रेया दूसरा पैग बनाकर हनी को देती है और हनी उसे भी पहली बार की तरह एक घूंट में सरका ले जाता है।

करीब आधे घंटे बाद ठहाकों से पूरा फार्म हाऊस गूंज रहा है। सभई नशे में चूर हैं।
हनी की शर्ट के आधे बटन खुले हैं। तीनो लड़किया हनी के आस पास ही हैं। हनी को विश्वास नही हो पा रहा कि ये सच है या सपना। उसने तो बस फिल्मों. उपन्यासों और अपनी कल्पनाओं में ही इस सबके बारे में सोचा-देखा-पढ़ा था।
नूर हनी की शर्ट के बाकी बचे बटन खोल देती है। शिफाली उसी पैंट को अनज़िप करती है।  

श्रेया नशे मे धुत्त हनी के करीब आती है और हनी के होंठों से अपने होंठ टकरा देती है। एक ज़ोरदार स्मूच के बाद शर्म-ओ-हया उस फार्म हाऊस से मीलो दूर जा चुकी है।

मेरे लबों को संवारते हुए तेरे होंठ,
वो बदमाशियां.. वो मोहोब्बत की चोट,
तू मेरी बाहों में समाती हुई,
वो आहें कराहती हुई,
बदहवासी एक दूसरे को देखना और,
पागलपन की हदें पार करने का जुनून,
आखों में एक शरारत की चाह,
वो लम्हे... वो रातें... वो अंधियारी सी राह...


रात के करीब 2 बजे हैं.... चारों बेतहाशा यहां वहां पड़े हैं। श्रेया बेड पर सिगरेट के कश भर रही है। शिफाली भी बेड के एक कोने पर लेटी हुई है। हनी फर्श पर लेटा है। नूर हनी के पास उसके हाथ के ऊपर सर रखकर लेटी है।

हनी बेहद खुश है। उसके लिए तो ये रात किसी सपने से कम नहीं। मानो कितनी मुद्दत से वो एसी ही किसी रात के सपने देख रहा हो। हनी कुछ यादों मे खोया हुआ है।

(फ्लैशबैक)
सुबह की लालिमा लिए हुए सूरज अभी अपनी ठण्डी तासीर के साथ दूर क्षितिज पर पहाड़ों के गलियारों से हल्की सी कोहरे की चादर से बाहर निकल रहा है। एक 20-12 साल की लड़की अपने घर से बाहर आती है और मोहोल्ले की सड़क पर चल पड़ती है। सफेद रंग का सूट पहना हुआ है। सलीके से बालों को बाधा हुआ है। सिर झुकाए चुपचाप वो लड़की अपने रास्ते पर चले जा रही है।
ये हनी की पड़ोसन है। इसका नाम है कोमल और ये एक प्रइमेरी स्कूल में टीचर है। अभी ये स्कूल ही जा रही है। हनी इसे दिल ही दिल में चाहता है मगर आज तक उसे अपने दिल की बात नहीं बता सका। कई बार कोशिश भी की मगर फिर कदम ही आगे नही बढ़े तो ज़ुबान की तो बात ही दूर। 

कोमल रास्ते पर चले जा रही है और रोज़ की तरह हनी उसका पीछा कर रहा है। थोड़ी देर पीछा करने का बाद अचानक उसे लगता है कि कोमल को शायद उसके पीछे आने की आहट हो गई है। वो कहीं छुपने की कोशिश करता है कि कोमल उसे पीछे मुड़कर देख लेती है। 

कोमल- कौन है वहां? चलो बाहर आओ मुझे पता है उस कोने मे... निकलते हो या...

कुछ देर रुकने के बाद हनी धीरे-धीरे, डरते-डराते बाहर निकलता है।

कोमल- तुम? तुम मेरा पीछा क्यूं कर रहे हो? और तुम अक्सर एसा करते हो ना? मैने अक्सर तुम्हे देखा है। क्यूम करते हो तुम मेरा पीछा?”

हनी कोमल के पास आकर कहता है- एक जवान लड़का एक जवान लड़की का पीछा क्यूं करता है?”
कोमल नज़रे झुका लेती है और दबी हुई सी आवाज़ से पूछती है- क्यूं?”
हनी कोमल की आंखों में आंखें डालकर कहता है- क्योंकि... क्योंकि वो लड़का उस लड़की को बेइंतहां चाहता है। मगर डरता भी है क्योंकि उसे अब तक ये नही पता कि लड़की के दिल में क्या है। कहीं वो नाराज़ तो नहीं हो जाएगी बस इसीलिए अपने दिल की बात कहने से डरता है। वो रोज़ उस लड़की का पीछा करता है कि शआयद किसी दिन वो हम्मत करके उस लड़की से अपने दिल की सारी बातें कह देगा। बस इसीलिए।

एकदम शांति...
कोमल हनी के पास से भाग जाती है और कुछ दूर जाकर कहती है- उस लड़की के दिल में तो कब से वो लड़का है मगर उस लड़के को इतना वक्त क्यों लग गया ये समझने में..

हनी की आंखों में चमक और होंठो पर एक मुस्कान छा जाती है। वो बेहद खुश है। इज़हार-ए-इश्क की बात ही कुछ और होती है और उस पर भी जब जवाब में इकरार-ए-इश्क हो तो मानो सोने पर सुहागा हो जाता है।

उस दिन के बाद से दोनो अक्सर मिलने लगे। दोनो की मोहोब्बत परवान चढ़ने लगी थी। जीने-मरने की कसमें भी खा लीं थी दोनो ने। दिन भर चाहे दोनो कहीं भी क्यूं ना हो.. मगर रात को 9 बजे दोनो अपने घरों की छतों पर आते और मुलाकात करते थे।

मुझे यकीं है मुझे चाहते हो तुम,
खुदा से दिन रात दुआओँ में मुझे मांगते हो तुम,
ना आऊं तुमसे मिलने एक दिन भी कभी,
तो बड़े ही बेचैन नज़र आते हो तुम,
रुठ जाने में हम तुम्हे भी मात देते थे,
आज भी हमे घंटो मनाया करते हो तुम,
तुम साथ होते हो तो सुकूं मिलता है दिल को,
दूर जाकर बड़ा सताते हो तुम,
साया बनकर मेरे साथ चलते हो,
खुशबू बनकर मुझमें समाते हो तुम,
मोहब्बत है तुमसे ये बताना है मुश्किल,
बस ये मसझ लो के उससे ज्यादा है,
जितना मुझे चाहते हो तुम,
मेरे आस-पास हर जगह बस तुम ही तुम हो,
आंखें बंद होने पर भी नज़र आते हो तुम,
मुझसे रू-ब-रू होते ही खामोश हो जाते हो,
मेरे जाने के बाद प्यार जताते हो तुम,
मैने जब भी अपने बारे में तुमसे पूछा,
हर बार अपनी जान बताते हो तुम...

एक रात हनी अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। हंसी मजाक चल रहा था। रजत को उसके पापा ने नई बाइक दिलाई थी इसीलिए उसने हेमंत, रोहन, और हनी के साथ पार्टी का प्लान बनाया था।

रोहन य़ार शराब तो मिल गई है। बस एक मस्त पटाखा सी लड़की मिल जाए तो रात बन जाए अपनी...

हनी- हां यार। दारू पीने के बाद तो कसम से लड़की मिल जाए तो क्या कहने पाशाओ।

हेमंत- अबे तेरी तो बंदी है ना। वो कोमल। तू क्यूं इतना प्यासा है। देती नहीं है क्या लाइन?”

सब दोस्त ठहाका लगाकर हनी पर हंसने लगते हैं और ये बात हनी के दिल में लग जाती है। वो शराब का एक घूट पीता है और अपनी जगह से उठ जाता है। 9 बजने वाले हैं और कोमल से मिलने का वक्त भी हो गया है।

हनी कोमल का इंतज़ार कर रहा है और कुछ देर बाद कोमल आती है।
हनी पूछता है- आज आने में इतनी देर क्यूं कर दी?”
कोमल- वो मां ने कुछ काम बोल दिया था तो बस इसीलिए देर हो गई।

हनी- मिलते हैं उनसे इस उम्मीद में कि प्यास बुझ जाए हमारी,
मगर हर मुलाकात के बाद प्यार और बढ़ जाती है हमारी

कोमल- क्या बात।
हनी- आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।
कोमल शरमा जाती है और हनी उसके गालों को अपनी उंगलियों से छूने लगता है। फिर कोमल को अपनी बाहों में भरकर उसकी आंखों में आंखें डालकर देखता है और धीरे-धीरे उसे किस करने के लिए आगे बढ़ने लगता है। वो आगे बढ़ ही रहा होता है कि कोमल उसे रोक देती है।
कोमल- नहीं हनी। शादी से पहले ऐसा कुछ नहीं
हनी- तुम्हे क्या लगता है मैं तुम्हे धोखा दे दूंगा। क्या तुम्हे मुझपर भरोसा नहीं है। प्लीज़ शोनू। जस्ट वन किस। बेबी
कोमल- तुमने शराब पी है? और पीकर तुम मुझसे मिलने भी चले आए। अच्छा चलो जाओं और चेहरा पानी से धो लो और सो जाओ। हम कल बात करेंगे जब तुम्हारी उतर जाएगी।
हनी ज़ोर देकर कहता है- कल नहीं आज। मैं किस लिए बिना नहीं जाउंगा।
कोमल भी कड़क आवाज़ में कहती है- तुम्हे एक बार में बात समझ में नहीं आती। मैने कहा ना नहीं। नहीं मतलब नहीं।

हनी को गुस्सा आ जाता है।
हनी- मैने भी कहा ना मुझे किस चाहिए तो चाहिए।

हनी जबरन कोमल को अपनी ओर खींचता है और कसके उसके होंठो पर किस कर देता है। कोमल ने इसकी उम्मीद तो बिलकुल नहीं की थी। वो बिलकुल शॉक्ड सी खड़ी रह जाती है। कोमल की आंखों में पहले तो एक दर्द आता है फिर उस दर्द की जगह गुस्सा ले लेता है और कोमल हनी को एक ज़ोरदार तमाचा दे मारती है।  

(फ्लैशबैक समाप्त)

Chapter-3


लड़की तिरछी नज़रों से पीछे हनी को आता देखती है तो तेज़ी से आगे बढ़ने लगती है। हनी भी अपनी चाल तेज़ कर देता है। सड़क के एक मोड़ पर लड़की मुड़ जाती है।
हनी तेज चाल के साथ मोड़ की तरफ जाता है और जैसे ही मुड़ने वाला होता है कि एक कार दूसरी तरफ से आके उसके पास रुकती है। मगर रुकते-रुकते भी हनी से हल्की सी भिड़ जाती है और हनी गिर जाता है।

हनी ज़मीन पर पड़ा हुआ है फिर भी उस तरफ देखता है जिस तरफ लड़की गई थी। मगर उसे वो लड़की दूर तक भी नज़र नहीं आती। वो अंधेरे में कहीं गुम हो चुकी थी। हनी को हांथ में आई हुई तितली के निकल जाने के जैसा महसूस हुआ। गुस्से से आग-बबूला हुए हनी का पारा सातवें आसमान पर था। उसे चोट तो ज्यादा कुछ नही लगी थी मगर उस कार की वजह से एक अच्छा खासा मौका उसके हाथ से निकल चुका था।

हनी अभी कुछ कहने वाला ही था कि अचानक उसकी नज़रें ड्राइविंग सीट से निकली दो खूबसूरत टांगों पर पड़ती है। एक सेक्सी लड़की ड्राइविंग सीट से निकलती है। 5’6” कद, गोरा रंग, सुडौल शरीर और उसपे मिनि सकर्ट और एक स्पैगिटी पहने हुई साथ में ऊपर से एक जैकेट डाला हुआ था जिसमे से उसकी क्लीवेज साफ नज़र आ रही थी।  वो लड़की किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।

लड़की फटाफट हनी को सहारा देने झुकी। उस लड़की के झुकते ही हनी ने जो नज़ारा देखा तो फिर उसके तन-बदन में सनसनाहट दौड़ गई। हनी को हुआ तो कुछ भी नही था मगर लड़की का सहारा पाने के लिए पैर में चोट का नाटक करने लगा और हल्के-हल्के से लंगड़ाने लगा।

लड़की अपना कंधा हनी की तरफ करती है और कहती है-ओह। आपके तो पैर में चोट लगी है। आइ एम वैरी सौरी। पता नहीं कैसे ब्रेक टाइम पर नहीं लगे। आइ एम रिअली वैरी सौरी
हनी- नही नही कोई बात नही। मामूली सी चोट है ठीक हो जाएगी
ये कहते कहते हनी लड़खड़ाते हुए उस लड़की पर गिर सा जाता है।

लड़की- नहीं! नहीं! आपको ज्यादा चोट लगी है। ओह माइ गॉड. इट्स माइ फॉल्ट. आप कहां जा रहे है? मैं आपको छोड़ दूंगी। इतनी रात को वैसे भी इस सुनसान सड़क पर कैन सी सवारी आपको मिलेगी

हनी- आप क्यूं तकलीफ करती है। मैं बस यही 3-4 किलोमीटर दूर जा रहा था। मै मैनेज कर लूंगा।

लड़की- 3-4 किलोमीटर और वो भी ऐसी हालत में। नो नो। और इसमे तकलीफ कैसी। एटलीस्ट मुझे बाद में रिग्रैट तो नही रहेगा। चलिए कार में बैठिए

लड़की हनी को सहारा देकर ड्राइविंग सीट के बराबर की सीट पर बठाकर खुद डाइविंग सीट पर आकर बैठ जाती है और कार स्टार्ट करती है। कार के अंदर एकदम शांति है। लड़की कार चला रही है और उसकी आंखें सामने की ओर हैं। फिर लड़की इस चुप्पी को तोड़ती है।

लड़की-  इतनी रात गए आप कहां से आ रहे था और कहां जा रहा थे?”
हनी- कुछ नहीं बस दोस्तों के साथ था और घर जा रहा था और आप?”
लड़की- मैं तो बस एक पार्टी से आ रही हूं। मेरी फ्रेंड के मम्मी-डैडी की 25th एनिवर्सिरी. बोरिंग पार्टी यू सी... वो ड्रिंक्स.. नो डिस्को..

हनी बोतों पर कंसंच्रेट नही कर पा रहा और अपने आप पर कंट्रोल नही कर पा रहा। वो लगातार उस लड़की की कभी क्लीवेज को तो कभी मिनि स्कर्ट के नीचे टांगों को घूर-घूर कर देख रहा है।

लड़की हनी को खुद को घूरते हुए देख लेती है। हनी तुरंत सामने देखने लगता है। लड़की कार को साइड में रोकती है।

लड़की- तुम बार-बार मुझे क्यूम घूर रहे हो?”
हनी-म्मममम... म्मममम.. मै.. नहीं तो...
लड़की- मैने अभी देखा तुमने देखा मेरी क्लीवेज की तरफ देख रहे थे।
हनी- न्न्न्ना... न्न्नान नहीं नहीं.. मै तो.. मै तो...

लड़की- मै तो... मै तो.. क्या कर रहे हो। you are not smart enough to act like a dumb.. मैने तुम्हे रंगे हाथों पकड़ा है बच्चू

हनी- अम्म्म् नहीं मै तुम्हे क्यूं देखूंगा। नही देख रहा था मैं तुम्हे।

लड़की- तो क्या मैं इतनी बुरी हूं।

हनी- नहीं नहीं। मेरा वो मतलब  नहीं था।

लड़की- तो क्या मतलब था तुम्हारा

हनी- तुम अच्छी हो।

लड़की- अच्छी या बहुत अच्छी

हनी- बहुत अछी

दोनो एक दूसरे को देखते हैं और करीब 2 मिनट के आइ-कॉन्टेक्ट के बाद लड़की अपना कोट उतारती है और पीछे की सीट पर फेंक पर देती है। अब वो सिर्फ स्पेगटी और स्कर्ट में है। हनी की आंखें फटी की फटी रह जाती है। इसी बीच हनी का फोन बज उठता है।

हनी (ऑन फोन)- हेलो ब्रा.. सौरी.. प्रा... मै बिज़ी हूं। बाद विच गल करिए।
लड़की- किसका फोन था
हनी- कोई नहीं। बस मेरा दोस्त हेमंत है। वो अभी घर पहुंचा है बस यही बता रहा था

लड़की धीरे-धीरे हनी के करीब आती है। वो ड्राइविंग सीट से उठकर हनी की तरफ झुक जाती है।

लड़की- “I know what’s going in your mind? Would you like to go home with me and I’ll promise to you that you will be enjoying heaven on earth”
हनी- “Would love to be at any place with you”

लड़की पीछे होती है और साथ ही साथ हनी का मोबाइल भी चुपके से लिकाल लेती है और अपनी ड्राइविंग सीट के नीचे चुपके से खिसका देती है और ड्राइव करने लगती है। 

हनी आंखें बंद करता है। और अभी थोड़ी देर पहले जो वो अपने दोस्तो से कह रहा था वो उसे याद आता है।
किस्मत.. मेरे दोस्त किस्मत.. ये किस्मत भी बड़ी कुत्ती चीज़ है। जिसपे मेहरबान हो जाए उसी के व्यारे-न्यारे हो जाते हैं। फिर क्या ड्राइवर और क्या मालिक


कार आके एक फार्म हाउस के बाहर रुकती है। फार्म हाऊस काफी शानदार है।
हनी- मिस?”
लड़की- मिस नही... श्रेया। श्रेया नाम है मेरा और तुम्हारा?”
हनी- हनी... हनी सिंह नाम है मेरा
लड़की के दिमाग में एक म्यूज़िक बजने लगता है “yo yo honey singh”
हनी- ये फार्म हाऊस आपका है?”
श्रेया- नहीं। ये तो मेरी एक कज़िन का है। वो फिल्हाल आऊट ऑफ कंट्री है तो फिल्हाल इसे अपना ही समझो।

श्रेया और हनी घर में घुसते है और हनी को सोफे पर बैठने का इशारा करती है और अंदर जाते हुए कहती है- तुम यहीं बैठो मैं अभी आती हूं

हनी आसपास की एक्सेसरीज़ को देख रहा है। हनी खुद से कहता है- बाबा जी तुस्सी तां ग्रेट हो। नाम के साथ साथ माल भी फाड़ू है। घर तो देखो साला अंबानी की टक्कर का है। अब ये श्रेया कहां है। जल्दी आ ना।

अचानक एक दूसरी लड़की अंदर से निकलकर आती है और हनी को देखकर पूछती है- “hey handsome! What are you doing here?”
हनी- “I’m with shreya. You?”
लड़की- “shreys! Hmm cool! By the way I’m Noor> Shreya’s friend.”
हनी- ओके

श्रेया एक तीसरी लड़की के साथ अंदर से बाहर आती है और नूर को देखकर कहती है।
श्रेया- ओहो। तो तुम हनी से मिल ली? That’s nice। चलो एक formal introduction हो जाए। जैसा कि आप पहले ही मिल चुके हैं, ये है नूर और ये है हमारे मेहमान हनी सिंह
नूर के दिमाग में भी वही म्यूज़िक बजने लगता है “yo yo honey singh”

श्रेया हनी को तीसरी लड़की से मिलवाते हुए कहती है- ये है शिफाली। हम तीनों बेस्ट फ्रैंड्स हैं। हम हमेशा एक साथ रहते है। एक साथ खाते-पीते हैं और एक साथ मौज-मस्ती भी करते है। बस ये समझ लो कि तीन जिस्म और एक जान हैं हम।

हनी- श्रेया मै अभी तक तुम्हे समझ नही पाया। आखिर हम यहां क्यूं आए है?”
श्रेया हनी के पास जाके बैठ जाती है और उसके करीब जाकर पूछती है- “what would you like to say about me in one word?”
हनी पूरे Macho Attitude साथ- “awesome”
श्रेया- “if I’m awesome then what about threesome!”

श्रेया हनी की आंखों में आंखे डालती है मानो किसी काले जादू की मदद से उसे अपने बस में कर रही हो और फिर उसका हाथ पकड़कर अपने बेडरूम की में ले चलती है।